Bijnor News: एक साल में साइबर अपराधियों ने जिले के 214 लोगों को अपना शिकार बनाया

इस साल बिजनौर जिले के 214 लोगों को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया है। जिनके लगभग 61 लाख रुपये ठगे गए। वहीं पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े 60 बैंक खातों को फ्रीज कराया है।

News Mashal Desk
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Highlights
  • जिले के 214 लोगों को साइबर ठगों ने बनाया अपना शिकार।
  • साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले 60 बैंक खातों को पुलिस ने कराया फ्रीज।
  • प्रदेश में दूसरे एवं बरेली जोन में एक पायदान पर रही बिजनौर साइबर पुलिस।

बिजनौर : पुलिस साइबर क्राइम को कम करने के लिए तरह-तरह के प्रयास करती रहती है लेकिन साइबर अपराध है कि रुकने का नाम नहीं लेता। साइबर ठग ठगी करने का कोई ना कोई नया तरीका निकाल ही लेते हैं। पुलिस के इतने प्रयासों के बावजूद भी लोग साइबर ठगी का शिकार बन रहे हैं। इस साल बिजनौर जिले में 214 लोग साइबर ठगों का शिकार बने हैं। जिनके लगभग 61 लाख रुपये ठगे गए। हालांकि साइबर पुलिस ने 16 लाख रुपयों के करीब वापस भी करा दिये हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिजनौर की साइबर पुलिस ने वर्ष 2022 में जनवरी से लेकर अब तक झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में जिन जिन खातों में ठगी की हुयी रकम को ट्रांसफर किया गया था उन अकाउंट्स के लेनदेन को बंद करवा दिया है। इन अकाउंट्स में साइबर अपराधियों ने विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करके पैसे ट्रांसफ़र किए थे। हालांकि पुलिस इससे निपटने के लिए लगातार काम कर रही है।

इस साल पुलिस के पास 214 शिकायत पहुंचीं। जिनमें खातों से पैसे उड़ाना, फेसबुक हैकिंग (Facebook Hacking), हनी ट्रैप (Honey Trap) जैसे मामले भी शामिल हैं। आपको बता दें बिजनौर पुलिस साइबर ठगी के लिए प्रयोग किए गए 60 बैंक खातों को फ्रीज करा चुकी है।

राजस्थान से लेकर गुजरात तक फैला है नेटवर्क

पुलिस ने काफी जांच पड़ताल करने के बाद साइबर अपराधियों के कुछ स्थानों को चिन्हित किया है। सूत्रों के मुताबिक, साइबर अपराधी पहले केवल झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहकर ही देशभर में साइबर अपराधों को अंजाम दिया करते थे। इसके बाद बिहार और पश्चिम बंगाल में भी ठिकाने बना लिए। हाल ही में राजस्थान के अलवर एवं गुजरात की कुछ अलग-अलग जगहों से साइबर क्रिमिनल ने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

प्रदेश में दूसरे स्थान पर है बिजनौर पुलिस

बिजनौर पुलिस (BIJNOR Police) एनसीआरबी (NCRB) में दर्ज करायी जाने वाली साइबर क्राइम की शिकायतों का समाधान करने के मामले में प्रदेश में दूसरे पायदान पर है। जबकि वहीं बरेली जोन में बिजनौर पुलिस ने प्रथम स्थान हासिल किया है। हाल ही में निस्तारण को लेकर जारी किए आंकड़े इस पर अपनी मुहर लगाते हैं। एसपी (SP) दिनेश सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम से निपटने के लिए सेल (Cell) को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया जा चुका है। यही कारण है कि बिजनौर पुलिस का निस्तारण को लेकर प्रदेश में दूसरा पायदान प्राप्त किया है।

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